श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में रक्तदान कैम्प का आयोजन

श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में रक्तदान कैम्प का आयोजन

हनुमानगढ़। सोमवर को श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में एचडीएफसी बैंक के संयुक्त तत्वाधान में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन संस्था डायरेक्टर श्री दिनेश कुमार जुनेजा एव ंएचडीएफसी बैंक के क्लस्टर हैड श्री अमित बोहरा ने किया । कार्यक्रम की शुरूआत में महाविद्यालय बीएसबीएड के प्राचार्य डॉ. विक्रम सिंह औलख ने एवं डॉ. कोविद कुमार ने अपना रक्तदान किया। इसके उपरान्त महाविद्यालय के छात्रों ने छात्राओं ने, व्याख्याताओं एवं कर्मचारियों ने रक्तदान कर मानवता का परिचय दिया। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में आज लगाये गये इस ब्लड बैंक शिविर में सभी ने बहुत ही उत्साह से रक्तदान किया । इस रक्तदान शिविर में आज 105 यूनिट से अधिक रक्तदान किया गया है। इस अवसर पर संस्था प्रबंधक श्री बाबूलाल जुनेजा जी ने बताया कि ब्लड यानि खून एक ऐसी चीज है जिसे बनाया नहीं जा सकता। इसकी आपूर्ति का कोई और विकल्प भी नहीं है। यह इंसान के शरीर में स्वयं ही बनता है। कई बार मरीजों में खून की मात्रा इतनी कम हो जाती है कि उन्हें किसी और व्यक्ति से ब्लड लेने की आवश्यकता पड़ जाती है। ऐसी ही इमरजैंसी स्थिति में खून की आपूर्ति के लिए हम सभी को सदैव तैयार रहना चाहिए। संस्था के डायरेक्टर श्री दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि खून दान करना हमेशा से ही सराहनीय माना गया है। इस दान से लोगों को जिंदगी बचती है। अनायास या बीमारी का शिकार होने पर हममें से भी किसी को भी रक्त की जरूरत पड़ सकती है। आज हम सभी शिक्षित व सभ्य नागरिक हैं इसलिए हमें मानवता को याद रखकर इस तरह से लगाये गये ब्लड शिविरों में रक्तदान करते रहना चाहिए। महाविद्यालय प्राचार्या श्रीमती डॉ. स्वाति जोशी एवं बीएबीएड के प्राचार्य डॉ. विक्रम सिंह औलख ने भी इस कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि लोगों के दिमाग में गलत धारणा आती है कि इससे शरीर कमजोर हो जाता है या फिर इससे एचआईवी होने का खतरा बना रहता है ऐसा कुछ नहीं होता है। रक्तदान करने से नुकसान नहीं बल्कि फायदे होते हैं । खूनदान करने से न सिर्फ शरीर को लाभ होते हैं बल्कि मानसिक संतुष्टि भी मिलती है कि इस कदम से किसी की जान बच गयी। एचडीएफसी बैंक के क्लस्टर हैड श्री अमित बोहरा व अन्य बैंक कर्मचारी श्री आशीष कुमार, रूप राठौड़, हर्षुल रामचन्दानी, सोहन सिंह ने इस कैम्प में विशेष सहयोग किया। बैंक के क्लस्टर हैड श्री अमित बोहरा ने बताया कि एक स्वस्थ व्यक्ति कभी 18 से 55 वर्ष तक कभी भी रक्त दान कर सकता है। एक बार रक्तदान करने के बाद यह लगभग तीन माह बाद पुर्ननिर्माण हो जाता है।

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