साहिब बन्दगी आश्रम में दिव्य आध्यात्मिक संत्संग आयोजित

हनुमानगढ़। 2केएनजे मक्कासर स्थित साहिब बन्दगी आश्रम में आयोजित दिव्य आध्यात्मिक संत्संग में जम्मुसे प्रसारित ऑनलाइन सत्संग के दौरान सद्गुरू श्रीमधु परमहंस जी ने बताया कि मन का रूप बहुत ही विराट है। साहिब जी ने कहा कि मन प्रत्येक जीव में बड़े की सूक्ष्म रूप से छुप कर बैठा हुआ है। मन के पास 5 अति प्रबल दुष्ट आत्माएं काम, क्रोध, लोभ, मोह और अंहकार है, जिसके माध्यम से मन जीव से अनिष्ठ, अनित्य कर्म करवाता रहता है। मन के पांचों मत्सर मनुष्य के व्यक्तित्व को समाप्त कर देते है क्योकि इन के आगोश में आकर मनुष्य का स्वयं पर नियुत्रण नही रहता और अनिष्ट कर्म कर जाता है। साहिब जी ने कहा कि जिस प्रकार एक बगुला मछली को पकडने के लिए पूरी एकाग्रता के साथ बिना हिले पानी में खड़ा रहता है और उचित समय मिलते ही उसे दबोच लेता है, ठीक उसी प्रकार यह मन भी जीव के अंदर पूरी एकाग्रता के साथ बैठा है। जैसे ही जीव का ध्यान सतगुरू से या सुमिरन से जरा भी हटता है तो यह मन बगुले की तरह प्रहार करता है और मनुष्य अनिष्ट कर्म कर जाता है। मन बेहद सुक्ष्म रूप में प्रत्येक जीव में बैठा हुआ है और अपना काम किए जा रहा है। साहिब जी ने सभी सत्संगी को गुरूमुख बनने का संदेश दिया। गुरूमुख बनिए, भव जल तरिए। जम्मु से प्रसारित इस ऑनलाईन सत्संग का भारी मात्र में इकट्ठी हुई संगत ने पूर्ण श्रद्धा के साथ दिव्य प्रवचनों का लाभ उठाया। सत्संग उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *