उत्तराखंड और पलायन : भूपेंद्र रावत

 उत्तराखंड की बन गयी

एक नयी पहचान

पलायन है, इसका दूसरा नाम

आमजन के पास है, 

न रोटी,न कपड़ा, न मकान

नेता जी लगे है चमकाने में 

अपने बंगले, कोठी और मकान

बन गए है, कई गांव श्मशान

मसाण पूजने भी 

नही जाते वहां अब इंसान

सूख चुके है, कई खेत और खलिहान

पीने को पानी नही

खाने को अन्न का दाना नही 

न कोई जरूरी सामान

फ़क़त शहरों तक सीमित

रहा विकास का नाम

फाइलों में दब गया गांव के

विकास का काम

ऐसे देवभूमि उत्तराखंड के 

विकास को देश का सलाम


                        - भूपेंद्र रावत


Comments

  1. उत्तराखंड की वर्तमान परिस्थितियों को बयां करती कविता

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