Blogroll

Breaking News

गांव के बच्चे नि:शुल्क अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा ग्रहण करेगे

हनुमानगढ़। निकट गांव जण्डावाली में सरपंच वीरपाल सुखमन्द्र रंगारा व इण्लैण्ड में पिछले लम्बे समय से रह रहे जसविन्द्र सिंह के प्रयासों से अब गांव के बच्चे नि:शुल्क अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा ग्रहण करेगे। सोमवार को इण्लैण्ड से आये जसविन्द्र सिंह ने गांव जण्डावाली में खालसा एकेडमी का शुभारम्भ श्रीअखण्ड पाठों के भोग के साथ हुआ। ज्ञात रहे कि जसविन्द्र सिंह पिछले 50 वर्षो से इण्लैण्ड में रह रहे है और उनका पूरा परिवार इण्लैण्ड में निवास कर रहा है हालाकि वह पंजाब के मूल निवासी है और पंजाब में भी उनके द्वारा संचालित अनेकों स्कूल चल रहे है जिसमें से अनेकों विद्यार्थी उच्च शिक्षा ग्रहण कर एक अच्छा जीवन यापन कर रहे है। जण्डावाली में सोमवार से शुरू हुये इस स्कूल में सरपंच वीरपाल सुखमन्द्र रंगारा द्वारा अपना स्वयं का घर गांव के बच्चों को शिक्षा दिलवाने के लिये दान दिया है और जसविन्द्र सिंह ने वहीं खालसा एकेडमी शुरू की है जिसमें कक्षा नर्सरी से कक्षा 12 वीं तक बच्चों को अध्ययन तो करवाया जायेगा साथ ही गुरू की वाणी से बच्चों को जोडा जायेगा। जसविन्द्र सिंह ने बताया कि वह 50 साल से इण्लैण्ड में रह रहे है और हर साल पंजाब और राजस्थान अपने परिजनों के पास आते थे तब वह यही देखते थे कि आज के माता पिता और बच्चे अपने संस्कारों को भुलते जा रहे है और परमात्मा से दूर होते जा रहे है। उन्होने बताया कि जहां आज के युवाओं को शिक्षित होने के आवश्यता है वहां बच्चे अपने संस्कारों को शिक्षा को भुलकर नशों में पडते जा रहे है। उन्होने बताया कि आज मै जो भी कुछ हू वो अपने गुरू की बदौलत हू। उन्होने कहा कि बड़े बुजुर्गाे ने कहा कि जो मांगे ठाकुर अपने से सोई सोई देवे, उन्होने कहा कि मैने रोजाना 15 मिनट गुरू की वाणी का ध्यान किया और गुरू की बदौलत में आज इस मुकाम पर हू और गुरू का शुक्राना करने के लिये ही मैने इस खालसा एकेडमी की शुरूवात की है जिसमें हमारे बच्चों को हाई स्टैन्र्डड शिक्षा बिल्कुल नि:शुल्क मिलेगी साथ ही बच्चों को पाठ्य सामग्री, ड्रैस और अन्य हर जरूरत की वस्तु भी नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जायेगी जिससे कि यह अपनी शिक्षा अच्छे से पूर्ण कर सके और देश का नाम रोशन कर सके। उन्होने बताया कि यह जण्डावाली में राजस्थान का पहला स्कूल खोला गया है और धीरे धीरे जगह जगह ऐसी एकेडमी खोली जायेगी जिससे कि हमारे बच्चे शिक्षित हो सके। उन्होने कहा कि शिक्षित व्यक्ति का हर जगह मान सम्मान होता है इस लिये हमारे बच्चेां को शिक्षित करना हमारी प्राथमिकता रहेगी।  उन्होने समस्त गांव के ग्रामीणों को अपील की कि अपने बच्चों को इस विद्यालय दाखिल करवाये और इसके लिये किसी भी प्रकार की धनराशि देने की आवश्यकता नही है, हर बच्चे पर लगभग 35 से 40 हजार का खर्चा आयेगा जो मै सव्यं वहन करूगा, आवश्यकता है तो अपना समय देकर बच्चों को विद्यालय के बाद घर पर भी शिक्षा ग्रहण करने के लिये प्रेरित करने की। उन्होंने कहा कि इसके लिये हर माता पिता को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

No comments