राजस्थानी बिना गूंगा राजस्थान

राजस्थानी बिना गूंगा राजस्थान
सादुलशहर । गांव छांपावाली में प्रथम प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन  ठाकुरजी मंदिर परिसर में किया गया।   अतिथियों ने शहीद भगतसिंह,सुभाष चन्द्र बोस,सरदार पटेल को पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत की।इस सम्मान समारोह में खेल,शिक्षा,साहित्य,समाज सेवा, राजनीति आदि क्षेत्रों में गांव का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
राजस्थानी हास्य कवि हरीश हैरी ने ठेठ राजस्थानी में प्रस्तुति देकर लोगों को चेताया कि हर प्रदेश अपनी भाषा बोलता है पर राजस्थानी बिना राजस्थान गूंगा है।हम और कितना बलिदान करेंगे।अब समय आ गया है कि सरकार से अपनी भाषा मांगें। राजस्थान में 50% बाहरी राज्यों के अभ्यर्थी नौकरी करते हैं।राजस्थान में बाहरी लोग अपनी-अपनी मातृभाषा में परीक्षा देकर सफल होते हैं और
हम अपने ही घर में अपनी भाषा में परीक्षा नहीं दे सकते। राजस्थानी भाषा का विकल्प नहीं होने से मजबूरन राजस्थान के अभ्यर्थियों को दूसरी भाषा में परीक्षा देनी पड़ती है।उन्होंने कहा कि अगर राजस्थानी भाषा को मान्यता मिलती है तो प्रत्येक राजस्थानी को इसका अभूतपूर्व लाभ मिलेगा।
किसान नेता ओम जांगू ने कहा कि ग्रामीण प्रतिभाओं ने गांव का नाम रोशन किया है।मजदूर,किसान के घर जन्मीं ये प्रतिभाएं समाज हित के लिए काम करेंगी।संगीता के हास्य कलाकार दुलीचंद भोभरिया ने राजस्थानी में सुमठणी सुनाकर सब का खूब मनोरंजन किया। उन्होंने कहा कि जो राजस्थानी की बात करेगा,वही राजस्थान पर राज करेगा। बॉलीवुड के कॉमेडियन रोहित टाडा ने हास्य रचनाएं सुनाई। मायड़ भाषा राजस्थानी छात्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष पवन सोखल ने युवाओं से आह्वान किया कि राजस्थानी जन जागरण अभियान से जुड़कर राजस्थानी भाषा की मान्यता की बात को घर घर पहुंच जाएं। मान्यता का सबसे बड़ा फायदा युवाओं को ही होगा।
कार्यक्रम संयोजक संदीप खटोड़, रोहित टाडा ने सफल आयोजन हेतु समस्त ग्रामवासियों का आभार जताया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गांव के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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